21 नवंबर 2022

DevLys 10 आदि fonts वाली फाइल मोबाइल में क्यों नहीं खुलती?

मेरे मित्र, माणक भाई को हिदी से बहुत प्यार है। होना भी चाहिए, पर उनकी आदत है कि मेल भी हिंदी में लिखना पसंद करते हैं। उसपे तुर्रा ये कि msword की फाइल में हिंदी में लिखकर किसी को मेल/व्हाट्सएप करते हैं, तो बड़ा पंगा होता है, पाने वाले हमेशा शिकायत करते हैं कि क्या लिखा है कुछ समझ नहीं आ रहा है। पर अपने माणक भाई तो एकदम स्पेशल आइटम है, कहते हैं कि फलां font अपने कंप्यूटर पर इंस्टॉल कर लो।
पिछले शुक्रवार को बॉस ने झिड़क दिया– क्या बकवास करते हो? क्या मैं आगे सबको यही कहता रहूं कि font इंस्टॉल कर लो? तुम्हारा तो पता नहीं, मुझे अपनी नौकरी प्यारी है।
उदास बैठे थे, तो मुझसे भी देखा नहीं गया। मैने उन्हें समझाने की कोशिश की! 
देखिए कंप्यूटर मूल रूप से अंग्रेजी में काम करने के लिए ही बनाया गया था, पर बाद में जब इसका महत्व लोगों ने समझा तब कुछ जुगाड तैयार किए गए, जिन्हें हम legacy fonts के नाम से जानते हैं। असल में कंप्यूटर (ध्यान रहे, मोबाइल फोन और टैबलेट भी तकनीकी रूप से कंप्यूटर ही हैं) में (ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर में) fonts उन फाइलों को कहते हैं, जो लिखे हुए मैटर को अलग अलग अंदाज में आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर या प्रिंटर के माध्यम से दर्शाने के लिए होती है।
तो हम बात कर रहे थे कि कंप्यूटर्स तो हिंदी में काम करने के लिए नहीं बने थे, लेकिन बाद में कुछ सकारात्मक सोच वाले सॉफ्टवेयर इंजिनियर्स या प्रोग्रामर्स ने कुछ फ़ॉन्ट्स इस तरह के डिजाइन किए कि उनमें अंग्रेजी अक्षरों या चिन्हों के बदले हिंदी के अक्षरों का प्रयोग किया। जिन्हें हम हिंदी (लिगेसी) फ़ॉन्ट्स के रूप में पहचानते हैं। Devlys, Kruti Dev, Agra, Ajay, Susha आदि सब हिंदी लिगेसी फ़ॉन्ट्स ही हैं।
यहां यह समझ लेना जरूरी है कि चूंकि आपके कंप्यूटर पर, यानि जहां आपने किसी फाइल में हिंदी मैटर लिखा है, उसमें तो आपने Devlys, Kruti Dev, Agra, Ajay, Susha आदि में से कोई font प्रयोग किया है, पर जबकि आपने कोई मैटर जो हिंदी में दिख रहा है, वह तैयार कर लिया, पर कंप्यूटर की नजर में तो वह अंग्रेजी ही है ना? यह मत भूलिए कि बाकी लोगों के कंप्यूटर्स पर भी वह font हो ही, यह जरूरी तो नहीं! अब अगर आपकी वह फाइल पढ़ने वाले शख्स के कंप्यूटर में वही font नहीं होगा तो, वह कंप्यूटर (मोबाइल / टैबलेट आदि भी), उसे किसी अन्य font में प्रदर्शित करता है। बस यहीं गड़बड़ हो जाती है!! पूरा मैटर अंग्रेजी में दिखने लगता है, क्योंकि कंप्यूटर के लिए तो वह अंग्रेजी ही है।

फिर समाधान क्या है?
सबसे सही समाधान तो यह है कि  कंप्यूटर हर भाषा में काम करने लायक बने, और आप यकीन करिए कि अब कंप्यूटर्स लगभग हरेक भाषा में काम करता है। मतलब ये कि एक अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड बनाया गया, जिसको नाम दिया गया– "यूनिकोड"

यूनिकोड ?
यह एक ऐसी विधि है, जिससे कि आपके लिखे हुए मैटर में ही कंप्यूटर यह कोड लिख देता है कि आपके द्वारा लिखा गया मैटर किस भाषा का है। फिर जब उस मैटर को दूसरा कंप्यूटर उसे पढ़ रहा होता है, तब उसे पता चल जाता है कि लेख फलां भाषा का है, ऐसे में यदि उस भाषा का वही font, जिसमें आपने अपना मैटर लिख रखा है, तो वह कंप्यूटर यदि अन्य font में भी उस मैटर को दर्शाए, तो भी वह मैटर काम से काम उसी भाषा में तो जरूर दिखेगा, जिसमें वह लिखा गया है।

मतलब ?
जो मैटर आप यूनिकोड हिन्दी फॉन्ट में लिखेंगे, वह मैटर चाहे जिसके हाथ में भी भेज दिया जाए, वह हिंदी में ही दिखेगा। जैसे यह लेख (ब्लॉग पोस्ट) जो अभी आप पढ़ रहे हैं, यह यूनिकोड में लिखा होने की वजह से आपको हिंदी में ही दिख रहा है, और सभी को हिंदी में ही दिखेगा।

ठीक है, पर मुझे करना क्या होगा?
जैसा कि ऊपर बताया गया है, हिंदी में मैटर टाइप करने के लिए Windows, Android devices और Mac Devices पर आपको हिंदी भाषा सपोर्ट चालू करनी है। इतना करने के अलावा आपको हिंदी Keyboard add करना होता है।
ये कैसे करना है, ये किसी अन्य पोस्ट में।

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