26 मई 2021

क्या आप भी अपना ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं ?

जरूर कीजिए। मैंने कब रोका है ? और वैसे भी मेरे रोकने से तो आप रूकने से रहे! वैसे रूकना भी नहीं चाहिए, बल्कि अच्छे काम में देर नहीं करनी चाहिए। तो आइये शुरू करते हैं।

सबसे पहले तो ये जान लें, कि ब्लॉग है क्या मुसीबत ? तो जनाब ब्लॉग इसी मुसीबत का नाम है, जो आप अभी पढ़ रहे हैं। खैर छोड़ो.. हमें क्‍या !

कुछ लोगों को डायरी लिखने की आदत होती है पर मुझे कभी नहीं रही। पर मैं अपनी बात तो कर ही नहीं रहा। तो मैं बता रहा था, कुछ लोगों को डायरी लिखने की आदत होती है, बस यूं समझ लीजिए कि ब्लॉग भी इससे मिलती-जुलती चीज है, बस फर्क इतना सा है कि डायरी कागज़ पर लिखी जाती है, जबकि ब्‍लॉग किसी सर्वर पर ! अब सर्वर क्या होता है, ये फिर कभी.. अभी ब्लॉग के बारे में बात करते हैं। चलिए मोटे तौर पर बता ही देता हूं। सर्वर एक कम्‍प्यूटर ही होता है, जो आपको सर्विस देता है। सर्विस ? कैसी सर्विस ?

भाई एक शक्तिशाली कम्प्‍यूटर जो कि हर समय तेज नेटवर्क से  (इस case में, इंटरनेट से) जुडा हुआ रहता है, और आपको, आपका वह डाटा, जो आप दूसरों से शेयर करना चाहें, वह स्‍टोर करने देता है और खुद आपको व अन्य लोगों को इस डाटा को देखने-काम लेने की (जैसी भी आपने इजाजत दे रखी हो) सुविधा देता है, उसे हम सर्वर कहते हैं।

तो हम बात कर रहे थे ब्लॉग की। ब्लॉग डायरी पर नहीं, कम्प्‍यूटर सर्वर पर लिखा जाता है, और वेबसाइट की शक्‍ल में होता है। असल में log यानि लॉग तो आप समझते ही होंगे, लॉग का मतलब है, (किसी भी तरह के) बदलाव का रिकॉर्ड। ब्‍लॉग शब्‍द दो शब्दों से मिलकर बना है- Web + Log

तो जैसे डायरी में रोज-रोज जिंदगी में आने वाले बदलाव का जिक्र किया जाता है, उसी तरह से ब्लॉग भी आपके रोज बदले विचारों का, दुनिया के बदलते हालात का, आपकी कम्पनी या सॉफ्टवेयर में समय-समय पर हो रहे बदलावों का लॉग है। खैर… ज्ञान बहुत हो लिया, अब ये बताओ कि शुरू कैसे करें ?

नहीं बताऊंगा। तब तक नहीं बताऊंगा, जब तक आपको ये न बता दूं कि “गूगल” और “वर्डप्रेस” नाम के दो संगठन (और कम्‍पनियां) आपके ब्लॉग को फ्री में होस्ट करते हैं। हालांकि आजकल सैंकड़ों कम्‍पनियां / वेबसाइटें आपके ब्लॉग को फ्री में होस्ट करने की सुविधा देती हैं, पर अब तक इस मामले में इन्हीं दोनों कम्पनियों का सिक्का चलता है। उसकी वजह भी है।

गूगल :

गूगल के बारे में आपको परिचय देने की जरूरत शायद मुझे नहीं है, आपने नाम जरूर सुना होगा। गूगल अपनी ब्लॉग सेवा फ्री में ब्लॉगर (या ब्लॉगस्पॉट) के नाम से देता है। इसे यह ब्लॉग जो आप अभी पढ रहे हैं, यह भी इसी सर्वर पर होस्ट किया हुआ है।

वर्डप्रेस:

दुनियाभर में “वर्डप्रेस” को ब्लॉगिंग के लिए (यह लेख लिखे जाने के दौर तक) सबसे बेहतरीन माध्‍यम माना जाता है, क्योंकि इसे आप बहुत सरलता से कस्‍टमाइज कर सकते हैं, यानि अपनी पसंद के अनुसार इसमें परिवर्तन कर सकते हैं।

पर ठहरिए जनाब.. अभी तो और भी है…!

वर्डप्रेस” ब्‍लॉग लेखन के लिए प्रचलित तो है, पर इसके बारे में थोड़ा और जान लें। असल में एक संगठन है- “वर्डप्रेस डॉट ORG” जो आपको फ्री में ब्लॉग का सॉफ्टवेयर उपलब्‍ध कराता है। यह आपके लिए तब काम का है, जब आप अपनी वेबसाइट बनाएं और अपने सर्वर पर इस सॉफ्टवेयर को ब्लॉग लिखने के लिए काम में लें। हालांकि इस सॉफ्टवेयर से केवल ब्लॉग ही नहीं, और भी तमाम तरह की वेबसाइट आसानी से बनाई-सजाई जा सकती है।

जबकि “वर्डप्रेस डॉट कॉम” इस संगठन की कंपनी है, जो आपको बिना आपकी अपनी वेबसाइट बनाए हुए, यानि बिना आपका खर्चा कराए हुए आपको, आपका ब्लॉग झटपट (मैगी से भी जल्‍दी) शुरू करने देती है।

मान लीजिए, आपने अपना एक ब्‍लॉग बनाया दाढ़ीवाला डॉट वर्डप्रेस डॉट कॉम, तो बन गया, पर जब आप किसी को अपने ब्लॉग का यह पता बताएंगे, तो हो सकता है कि उसे आसानी से यह याद न हो। आप चाहेंगे एक सरल सा नाम। जैसे…. दाढ़ीवाला डॉट इन, या आपका डोमेन डॉट कॉम आदि।  मैंने अपनी इस पोस्ट में बताया था, कि आपको वेबसाइट का नाम यानि domain name खरीदना होता है, या कहिए कि एक निश्चित अवधि तक के लिए किराये पर लेना होता है, और उसका भाव भी बाजार में अलग अलग रजिस्ट्रार के पास अलग-अलग होता है।

पर यहीं कलाकारी है। “वर्डप्रेस डॉट कॉम” पर आप अपने ब्‍लॉग को जब अपने पसंदीदा डोमेन पर ले जाते हैं, तो आपको कम से कम एक चीज तो “वर्डप्रेस डॉट कॉम” से खरीदनी पड़ती ही है। एक चीज, मतलब क्‍या ?

देखिए, अगर आपने डोमेन बाजार से खरीदा, यानि आपके पास पहले से खरीदा हुए डोमेन नेम (यानि आपकी ब्‍लॉग वेबसाइट का नाम) है तो आपको “वर्डप्रेस डॉट कॉम” से एक होस्टिंग प्लान भी खरीदना पड़ेगा।

अब ये होस्टिंग क्या बला है ?

मैंने ऊपर बताया था कि सर्वर होते हैं, उन सर्वर्स पर आप अपना डाटा रखते हैं, ब्लॉग की बात करें, तो ब्लॉग को उनके सर्वर से चलाने के लिए अपने ब्लॉग की पोस्ट उनके सर्वर पर सेव करनी पडेगी। और इस तरह से वह सर्वर आपके ब्लॉग को होस्‍ट कर रहा होगा, इस सेवा को “होस्टिंग” कहते हैं जिसके लिए वह आपसे पैसा चार्ज करेगा।

उफ्फ… गूगल क्‍या करता है ?

मुझे गूगल-ब्‍लॉगर पसंद है क्योंकि-
1- दाढ़ीवाला डॉट ब्लॉगस्पॉट डॉट कॉम जैसे नाम का ब्लॉग आप झटपट शुरू कर सकते हैं। वर्डप्रेस जितनी जल्दी न सही, पर फिर भी जितनी देर में चाय बनती है, उतनी देर में बन जाएगा।

2- कस्टम डोमेन (मनपंसद डोमेन) लेने पर भी आप उसे इसके साथ कनेक्ट कर सकते हैं, और इसके लिए (यह लेख लिखे जाने तक) अभी गूगल ने पैसा चार्ज करना शुरू नहीं किया है।

3- ज्यादातर लोग यह भी उम्मीद करते हैं कि उनके ब्लॉग पर विज्ञापन मिलने लग जाएं, तो गूगल की खुद की एक सर्विस है, जिसका नाम है- “ऐडसेंस” उसे आप ब्लॉगर के साथ आसानी से, बिना किसी खास तकनीकी ज्ञान के अटैच कर सकते हैं।

अपना पहला ब्लॉग कैसे शुरू करना है, यह अगली पोस्‍ट में…

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